झूठे या रंजिशन मामलों में अक्सर निर्दोष लोगों को गिरफ्तारी का डर सताने लगता है। कानून आपको बिना ज…
झूठे या रंजिशन मामलों में अक्सर निर्दोष लोगों को गिरफ्तारी का डर सताने लगता है। कानून आपको बिना जेल गए अपनी बेगुनाही साबित करने का मौका देता है:
अग्रिम जमानत (Anticipatory Bail): भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) के तहत यदि आपको लगता है कि किसी गैर-जमानती अपराध में आपको झूठा फंसाया जा रहा है, तो आप सीधे सत्र न्यायालय (Session Court) या माननीय उच्च न्यायालय (High Court) में अग्रिम जमानत की याचिका दायर कर सकते हैं।
कोर्ट का संरक्षण: यदि कोर्ट को लगता है कि आपके खिलाफ लगाए गए आरोप प्राथमिक तौर पर राजनीति या आपसी दुश्मनी से प्रेरित हैं, तो कोर्ट आपकी गिरफ्तारी पर अंतरिम रोक (Interim Relief) लगा सकती है।
जेल जाने के कलंक और मानसिक प्रताड़ना से बचने के लिए समय पर सही कानूनी कदम उठाएं। 📞 एडवोकेट स्मृति तिवारी (पटना हाई कोर्ट) | मोबा/व्हाट्सएप:
📍 चेंबर: टेबल नंबर , पटना उच्च न्यायालय